Politics: लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने गठबंधन के साथ मिलकर अपने कदम आगे बढ़ाए, जिससे पार्टी के प्रभाव में भी इजाफा हुआ। खासकर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी उपस्थिति को पुनर्जीवित किया। इस सफलता ने पार्टी को राज्य में नई ऊर्जा दी है और अब कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। फिलहाल, राज्य में कांग्रेस की सभी इकाइयाँ भंग हैं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही पार्टी में बड़े स्तर पर पुनर्गठन होगा। होली के बाद कांग्रेस पूरे प्रदेश में नई टीम तैयार करेगी, जिससे 2027 में पार्टी की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई जा सके।
बीजेपी पर हमला, कांग्रेस की नई रणनीति:-
कानपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अजय राय ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार देश को जाति और धर्म के नाम पर विभाजित कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने नाकामियों को छुपाने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को उछालती है, जबकि बेरोजगारी, शिक्षा, बंद होते उद्योगों और किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देती। अजय राय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मिशन 2027 के तहत गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी या नहीं, यह निर्णय शीर्ष नेतृत्व करेगा, लेकिन पार्टी अभी से सभी 403 विधानसभा सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गई है।
संगठन में बड़े बदलाव, हर वर्ग को प्रतिनिधित्व:-
अजय राय के अनुसार, कई जिलों में एक की जगह दो जिलाध्यक्ष बनाए जाएंगे, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी रूप से काम किया जा सके। इसके अलावा, महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को संगठन में उचित स्थान देने की योजना बनाई जा रही है। जय बापू, जय भीम, जय संविधान अभियान के तहत दलित और ओबीसी समुदायों को कांग्रेस से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस का मानना है कि बसपा के परंपरागत मतदाता अब कांग्रेस की ओर रुख कर रहे हैं, और इस वर्ग को पार्टी में अधिक सक्रिय भूमिका देने पर जोर दिया जाएगा।
