UP: आगरा जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ज्वेलरी शोरूम में हुई हत्या और डकैती के मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया है। इस घटना में शामिल आरोपी का भाई भी हिरासत में लिया गया है। मौके पर आला अधिकारी पहुंचे हुए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

मंगलवार सुबह सिकंदरा थाना क्षेत्र में अंसल एपीआई के पास यह मुठभेड़ हुई। पुलिस को श्री बालाजी ज्वेलर्स के साथ चार दिन पहले हुई डकैती और हत्या के मामले में अमन नामक मुख्य आरोपी की तलाश थी। पुलिस ने उसे घेर लिया, जिस पर बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो आरोपी अमन को लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना 2 मई की है, जब दो बाइक सवार बदमाशों ने शोरूम से 22 लाख रुपये से अधिक के आभूषण लूट लिए थे। शोरूम में उस समय सेल्सगर्ल रेनू और एक अन्य युवती ग्राहक के तौर पर मौजूद थीं। बदमाशों ने भागते समय सर्राफा व्यापारी योगेश चौधरी को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना ने व्यापारियों में भारी गुस्सा भर दिया था और पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था। पुलिस ने इस मामले की छानबीन के लिए 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच में पता चला कि आरोपी बिचपुरी क्षेत्र के एक गांव में छिपे हुए थे। वहीं से पुलिस को उनके ठिकानों और नामों की जानकारी मिली। फिलहाल पुलिस ने तीन अन्य साथियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इस मुठभेड़ पर सियासी प्रतिक्रिया भी आई है। समाजवादी पार्टी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार अपराध रोकने में विफल होती है, तो फर्जी मुठभेड़ करवा कर खास जातियों को निशाना बनाती है और समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का षड्यंत्र करती है। सपा का आरोप है कि आगरा की मुठभेड़ में मारे गए युवक की जाति को गलत तरीके से ‘यादव’ बताया जा रहा है, ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके और सपा की छवि खराब की जा सके।
