Operation Sindoor: बुधवार की सुबह भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत एक संगठित और सटीक रणनीति के साथ पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इन ठिकानों में वे जगहें शामिल थीं जो लंबे समय से आतंकवादियों की शरणस्थली बनी हुई थीं। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के करीब 900 आतंकियों को निशाना बनाया गया।

हमले के मुख्य निशाने और उनके महत्व:

बहावलपुर: जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय। यहीं पर मसूद अजहर समेत शीर्ष आतंकी नेताओं के ठिकाने हैं।

मुरीदके: लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा का केंद्र। यहीं पर मुंबई हमले के हमलावरों को प्रशिक्षण मिला था।

चक अमरू, भीमबेर, गुलपुर, कोटली, बाघ, सियालकोट और मुजफ्फराबाद भी निशाने पर रहे।

प्रमुख आतंकी अड्डे और संगठनों की उपस्थिति:

स्थान आतंकी संगठन अनुमानित आतंकी
बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद 250+
मुरीदके लश्कर-ए-तैयबा 120+
मुजफ्फराबाद जैश और लश्कर दोनों 110–130
कोटली जैश व हिजबुल 75–80
गुलपुर जैश 75–80
भिंबर 60
चक अमरू 70–80
सियालकोट हिजबुल मुजाहिदीन 100

कौन-कहां था तैनात:

मरकज सुभान अल्लाह (बहावलपुर): जैश-ए-मोहम्मद

मरकज तैयबा (मुरीदके): लश्कर-ए-तैयबा

सरजाल (तहरा कलां): जैश-ए-मोहम्मद

महमूना जोया (सियालकोट): हिजबुल मुजाहिदीन

मरकज अहले हदीस (बरनाला): लश्कर-ए-तैयबा

मरकज अब्बास (कोटली): जैश-ए-मोहम्मद

मसकर राहील शाहिद (कोटली): हिजबुल

शवाई नल्ला और सैयदना बिलाल कैंप (मुजफ्फराबाद): लश्कर और जैश

भारत का रुख और वैश्विक प्रतिक्रिया:

भारत ने इस अभियान को ‘केंद्रित और सटीक’ करार देते हुए दावा किया कि उसके पास पाक स्थित आतंकियों की सीधी भूमिका से जुड़े पुख्ता सबूत हैं। हमलों के बाद भारत ने अमेरिका सहित कई प्रमुख देशों को इसकी जानकारी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने अमेरिकी एनएसए और विदेश मंत्री से संपर्क कर विस्तृत जानकारी साझा की।

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