UP POLITICS: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल ने मंगलवार को अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल तथा उनके पति और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
🔹 इस्तीफे के पीछे के कारण
राजकुमार पाल ने आरोप लगाया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है और निर्णय मनमाने तरीके से लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. सोनेलाल पटेल की विचारधारा से भटक गई है। पाल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें MLC और अन्य पदों का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा, “मैं 50-60 लाख रुपये खर्च कर पार्टी के लिए काम कर रहा था, लेकिन मुझे कोई तवज्जो नहीं दी गई” ।
🔹 अन्य नेताओं का भी इस्तीफा
राजकुमार पाल के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश सचिव कमलेश विश्वकर्मा, अल्पसंख्यक मंच के प्रदेश सचिव मोहम्मद फहीम और जिला महासचिव बीएल पासी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले भी बाराबंकी और मऊ जिलों के कई पदाधिकारी पार्टी छोड़ चुके हैं ।
🔹 पार्टी में पहले भी हो चुका है विभाजन
यह पहला मौका नहीं है जब अपना दल (एस) में आंतरिक कलह सामने आई है। इससे पहले पार्टी की संस्थापक कृष्णा पटेल और उनकी बेटी पल्लवी पटेल ने भी पार्टी से अलग होकर अपना दल (कमेरावादी) का गठन किया था। अब राजकुमार पाल के इस्तीफे को पार्टी के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है ।
