Monsoon will hit the country soon: देशभर में गर्मी से राहत मिलने वाली है, क्योंकि मानसून अगले 24 घंटों में भारत में प्रवेश करने वाला है। पिछले चार दिनों से लगभग 40-50 किलोमीटर दूर ठहरा हुआ मानसून अब आगे बढ़ चुका है। इस वर्ष केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी होने जा रहा है, जो तय समय से लगभग एक सप्ताह पहले है। राज्य में मानसून की शुरुआत के लिए अनुकूल परिस्थितियां पूरी तरह बन चुकी हैं। निम्न दबाव क्षेत्र और आगे बढ़ती मानसूनी गतिविधियों की वजह से बीते दो दिनों में केरल के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश देखने को मिली है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का पूर्वानुमान:-
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि शनिवार, 24 मई को केरल, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश हो सकती है। खासतौर पर केरल और तटीय कर्नाटक में 29 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है, जिसमें तेज हवाएं भी चलेंगी जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी अगले पांच दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
महाराष्ट्र और गोवा में रेड अलर्ट:-
मौसम विभाग ने शुक्रवार दोपहर को महाराष्ट्र के तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की और रेड अलर्ट घोषित किया। मुंबई में तेज बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जताया गया है। गोवा में भी मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें रविवार तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। राज्य प्रशासन ने लोगों से नदियों और झरनों के पास न जाने की अपील की है। पिछले 24 घंटों में गोवा के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश की संभावना:-
शुक्रवार सुबह 5:40 बजे जारी आईएमडी अपडेट के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर के कुछ इलाकों में आगामी दो घंटों में हल्की वर्षा हो सकती है। विभाग ने 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। केरल में आम तौर पर मानसून की एंट्री 1 जून को होती है, लेकिन 1918 में यह सबसे पहले 11 मई को आया था। वहीं सबसे देरी से मानसून 1972 में 18 जून को पहुंचा था। पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक देरी से मानसून 2016 में 9 जून को आया था।
