UP Politics: कई प्रमुख दलों में अपनी राजनीतिक पारी खेल चुके पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर दल बदल सकते हैं। वर्तमान में वह अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी ‘जनता पार्टी’ के अध्यक्ष हैं, लेकिन हाल ही में लखनऊ में हुई एक राजनीतिक मुलाकात ने नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्य और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद के बीच राजधानी लखनऊ में एक अहम और लंबी बातचीत हुई। यह बैठक एक निजी स्थान पर हुई, जिसमें सामाजिक न्याय और दलित-पिछड़े वर्गों को एकजुट करने पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो स्वामी मौर्य जल्द ही आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) में शामिल हो सकते हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि, उन्हें उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है। अगर मौर्य आसपा (का) का दामन थामते हैं, तो यह बसपा और सपा जैसे दलों के लिए नई चुनौती बन सकता है।

स्वामी प्रसाद मौर्य का अब तक का राजनीतिक सफर

स्वामी मौर्य ने 2012 में पडरौना विधानसभा सीट से जीत हासिल कर बसपा सरकार में मंत्री पद संभाला था। इससे पहले वे 13वीं, 14वीं और 15वीं विधानसभा में भी विधायक रह चुके हैं। उन्होंने लगभग 20 साल बहुजन समाज पार्टी में बिताए, उसके बाद करीब 6 वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी और फिर दो साल समाजवादी पार्टी में भी सक्रिय रहे। 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी का रुख किया और कैबिनेट मंत्री पद भी छोड़ दिया था। उन्होंने फाजिलनगर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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