लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘अर्बन ग्रीन पॉलिसी’ को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत अब शहरी क्षेत्रों में रूफटॉप गार्डन, ग्रीन बिल्डिंग्स, और हरित सार्वजनिक स्थल विकसित करने पर ज़ोर दिया जाएगा।
अर्बन ग्रीन पॉलिसी क्या है?
यह नीति उत्तर प्रदेश के शहरी इलाकों को हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें खासतौर पर निम्न बिंदुओं पर काम होगा:
1. रूफटॉप गार्डन को बढ़ावा
-
मकानों की छतों पर बगीचे लगाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
-
जलवायु को संतुलित रखने, तापमान घटाने और ऑक्सीजन बढ़ाने में यह मददगार होगा।
2. ग्रीन बिल्डिंग्स को प्राथमिकता
-
ऐसी इमारतें जिनमें सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक रोशनी व वेंटिलेशन की व्यवस्था होगी, उन्हें ‘ग्रीन बिल्डिंग’ का दर्जा मिलेगा।
-
बिल्डरों को इस दिशा में निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
3. पार्क और ओपन स्पेस को हरित बनाना
-
खाली सरकारी ज़मीन और पार्कों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण।
-
शहरी विकास प्राधिकरणों को ग्रीन ज़ोन में परिवर्तन करने के निर्देश।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:“भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और हरियाली देना हमारी जिम्मेदारी है। अर्बन ग्रीन पॉलिसी के ज़रिए हम शहरों को रहने लायक और पर्यावरण के अनुकूल बना रहे हैं।”
नीति के लाभ:
-
शहरी गर्मी (Urban Heat) से राहत
-
वायु गुणवत्ता में सुधार
-
पानी की बचत और वर्षा जल संचयन
-
स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न सिर्फ पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने वाला एक कदम भी है। अब वक्त है कि हम सभी मिलकर अपने घर और शहर को हरित बनाने में योगदान दें।
