लखनऊ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हाल ही में दिए गए वादों और घोषणाओं पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की बातें सिर्फ़ दिखावे की राजनीति हैं और जनता को गुमराह करने का एक और प्रयास है।
मायावती ने ट्वीट कर करते हुए कहा –“बिहार में नीतीश कुमार ने जो वादे किए हैं, वे हकीकत से कोसों दूर हैं। यह सब सिर्फ़ चुनावी छलावा है। दलित, पिछड़े और गरीब वर्ग की समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर नहीं हुआ है, सिर्फ़ खोखले दावे किए जा रहे हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार और देश में दलितों व पिछड़ों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं, लेकिन उनके जीवन स्तर में कोई वास्तविक सुधार नहीं दिखता।
मायावती का फोकस:
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उन्होंने नीतीश कुमार पर सामाजिक न्याय के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
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कहा कि “बिहार में विकास सिर्फ़ कागज़ों में है, ज़मीनी हकीकत आज भी बदहाली की गवाही देती है।”
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उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर दलितों के लिए ठोस नीतियों की कमी को लेकर सवाल खड़े किए।
राजनीतिक हलचल तेज
नीतीश कुमार के वादों पर मायावती का यह सीधा हमला आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बसपा उत्तर भारत में अपनी खोई हुई ज़मीन को वापस पाने की कोशिश कर रही है और ऐसे में नीतीश सरकार की आलोचना इस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इस बीच, जदयू (जनता दल यूनाइटेड) की ओर से अब तक मायावती के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती 2025 के चुनावों को देखते हुए फिर से एक्टिव हो रही हैं और बिहार-यूपी जैसे राज्यों में अपना जनाधार मजबूत करने के लिए आक्रामक बयानबाज़ी की रणनीति अपना रही हैं।
