UP CRIME NEWS: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। एक रेप पीड़िता से अश्लील बातचीत और अनुचित व्यवहार करने वाले दारोगा को पुलिस अधीक्षक (SP) ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस घटना ने प्रदेश भर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
रामपुर के एक थाने में दर्ज दुष्कर्म की शिकायत के बाद पीड़िता को इंसाफ दिलाने की जिम्मेदारी जिस दारोगा को सौंपी गई थी, वही पीड़िता से आपत्तिजनक चैट और बातचीत करने लगा। सोशल मीडिया और फोन पर अश्लील मैसेज भेजे गए, जिनके स्क्रीनशॉट पीड़िता ने सबूत के तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे।
SP ने लिया संज्ञान, तुरंत एक्शन
जैसे ही मामला रामपुर के एसपी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दारोगा को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग ने इस घटना को “घोर अनुशासनहीनता और नैतिक अपराध” की श्रेणी में रखा है।
सबूतों के आधार पर जांच
पीड़िता द्वारा सौंपे गए वॉट्सऐप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को प्रमाण के रूप में लिया गया है। फिलहाल पुलिस विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या आरोपी दारोगा ने पहले भी इसी तरह के मामलों में कोई अनुचित हरकत की है।
महिला सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
इस घटना ने पुलिस विभाग की छवि को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला दिया है। एक रेप पीड़िता, जो न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास जाती है, अगर वहीं उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़े, तो यह व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है।
एसपी ने मीडिया से बातचीत में कहा “हम महिला सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। ऐसे किसी भी अमर्यादित और आपराधिक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
