लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य के कृषि श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी दर में बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब प्रदेश के लाखों श्रमिकों को हर महीने ₹6552 की निश्चित मजदूरी प्राप्त होगी। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से श्रमिकों को सशक्त करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।

क्या है सरकार का फैसला?
उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी की नई दर ₹252 प्रतिदिन तय की है। यदि एक श्रमिक महीने में 26 दिन कार्य करता है, तो उसे ₹6552 मासिक मजदूरी प्राप्त होगी। यह नया नियम राज्य के सभी कृषि श्रमिकों पर लागू होगा।

 किन-किन श्रमिकों को होगा लाभ?

खेती-किसानी से जुड़े श्रमिक

पशुपालन कार्यकर्ता

मधुमक्खी पालन

मशरूम उत्पादन

कुक्कुट पालन

फसल कटाई व ढुलाई करने वाले मज़दूर

मंडियों में कार्यरत श्रमिक

 घंटे के हिसाब से मजदूरी
यदि कोई श्रमिक पूरी पारी की जगह घंटे के हिसाब से काम करता है, तो उसे भी न्यूनतम ₹42 प्रति घंटे की दर से भुगतान किया जाएगा। यह दर ₹252 का एक-छठवां हिस्सा है।

क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण?
यह पहली बार है जब राज्य में कृषि श्रमिकों के लिए इतने स्पष्ट और सख्त न्यूनतम वेतन नियम लागू किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की आय में स्थायित्व आएगा। यह फैसला कृषि क्षेत्र को संगठित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा “हमारी सरकार श्रमिकों को उनका हक और सम्मान दिलाने के लिए संकल्पित है। यह फैसला केवल मजदूरी नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान को बढ़ाने की दिशा में है।”

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