Donald Trump India tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ कड़ा आर्थिक रुख अपनाया है। हाल ही में उन्होंने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला लिया, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में खटास आने की आशंका है। यह निर्णय रूस के साथ भारत के गहरे व्यापारिक संबंधों से उपजा बताया जा रहा है, खासतौर पर तेल आयात को लेकर।
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चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप ने भारत पर जो टैरिफ लगाया है, वह चीन पर लगाए गए शुल्क से भी अधिक है। चीन पर जहां 30 प्रतिशत टैरिफ लागू है, वहीं भारत और ब्राजील को समान रूप से 50 प्रतिशत शुल्क का सामना करना पड़ रहा है। इससे भारत और ब्राजील अमेरिका की टैरिफ नीति के सबसे बड़े शिकार बन गए हैं। टैरिफ के मामले में तीसरे स्थान पर स्विट्जरलैंड (39%) और फिर कनाडा (35%) आते हैं।
दक्षिण एशिया में दोहरा मापदंड?
टैरिफ नीति को लेकर अमेरिका की स्थिति पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रति कहीं ज्यादा उदार दिखाई दे रही है। पाकिस्तान पर मात्र 19 प्रतिशत और बांग्लादेश पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है। साथ ही, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सैन्य तथा कूटनीतिक संबंध भी मजबूत होते दिख रहे हैं, जिसमें पाकिस्तानी सेना प्रमुख के अमेरिका दौरे को एक संकेत माना जा रहा है।
भारत-रूस समीपता बनी अमेरिका की चिंता
भारत और रूस के बीच तेल व्यापार ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप प्रशासन कई बार इस मुद्दे को उठा चुका है और चेतावनी दे चुका है कि रूस से व्यापार करने से अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध को मदद मिलती है, क्योंकि रूस की आय का बड़ा हिस्सा सैन्य गतिविधियों में जाता है। अमेरिका चाहता है कि भारत इस मामले में अपने रुख पर पुनर्विचार करे।
