लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासन के बाद पूर्व नेता पप्पू सिंह ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर नाराजगी जताते हुए तीखा हमला बोला है। पप्पू सिंह ने आरोप लगाया कि सपा को हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर बातचीत पसंद नहीं है और जो भी इस विषय पर खुलकर बोलता है, उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।

पप्पू सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैंने हमेशा जनता के मुद्दों और हिंदुत्व की विचारधारा पर खुलकर बात की, लेकिन सपा नेतृत्व को यह खटकने लगा। पार्टी में अब विचारधारा और जनहित की चर्चा के लिए जगह नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके निष्कासन का कारण केवल उनका हिंदुत्व पर रुख है, जबकि उन्होंने हमेशा पार्टी के सिद्धांतों का पालन किया। वहीं, सपा की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान नहीं आया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पप्पू सिंह को अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन से हटकर बयान देने के चलते बाहर किया गया।

पप्पू सिंह का बयान
पप्पू सिंह ने बताया कि वह 2021 से सपा के साथ थे और उन्होंने हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने के लिए काफी मेहनत की। लेकिन, उनके अनुसार, सपा में एक ही जाति का वर्चस्व है और हिंदू हितों की बात करने पर पार्टी को आपत्ति होती है।

फतेहपुर मकबरे का विवाद
दरअसल, सोमवार को फतेहपुर में नवाब अबू समद के मकबरे को लेकर हिंदू संगठनों ने जोरदार हंगामा किया। संगठनों ने दावा किया कि यह स्थान मंदिर है और वहां पूजा-पाठ करेंगे। इसके बाद, लाठी-डंडों के साथ भीड़ मकबरे पर पहुंची और वहां मौजूद मजारों को नुकसान पहुंचाया।

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