Banke Bihari Mandir: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र तीसरे दिन भी काफी हंगामे दार रहा, वहीं इस बीच श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास विधेयक, 2025 सहित तीन विधेयक सदन में पेश किए गए। एक मत से पारित हुए इस विधेयक के जरिए मंदिर प्रबंधन के लिए नए न्यासी बोर्ड के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया।

कैसा होगा न्यासी बोर्ड
विधेयक के अनुसार बोर्ड में कुल 18 सदस्य होंगे, जिनमें 11 नामित और 7 पदेन सदस्य शामिल होंगे। नामित सदस्यों में—

वैष्णव परंपरा और उससे जुड़े संप्रदाय या पीठों से तीन प्रमुख हस्तियां।

सनातन धर्म की अन्य शाखाओं व पीठों से जुड़े तीन संत, महंत, आचार्य या विद्वान।

किसी भी धार्मिक शाखा से संबंधित तीन प्रतिष्ठित व्यक्ति, जो शिक्षा, उद्योग, समाजसेवा या अन्य क्षेत्रों में योगदान दे रहे हों।

सेवायत गोस्वामी परंपरा से जुड़े दो सदस्य, जो स्वामी श्री हरिदास जी के वंशज हों।

कौन होंगे सदस्य
इस बोर्ड में पदेन सदस्य के रूप में मथुरा के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ विभाग का एक प्रतिनिधि, मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा राज्य सरकार द्वारा नामित एक अतिरिक्त सदस्य शामिल होंगे।

मंदिर का महत्व और चुनौतियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा कि वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर न केवल प्राचीन धरोहर है, बल्कि विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र भी है। लगभग 870 वर्ग मीटर में फैले इस मंदिर का 365 वर्ग मीटर हिस्सा दर्शनीय परिसर के रूप में प्रयोग होता है। मंदिर तक पहुंचने का मार्ग काफी संकरा है, जिससे त्योहारों और भीड़भाड़ के समय श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

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