79th Independence Day : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया। भगवा साफ़ा और सफ़ेद कुर्ता-पायजामा पहने प्रधानमंत्री का यह संबोधन जोश और संकल्प से भरा हुआ था। उन्होंने अपने भाषण में आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 और हाल ही में चर्चा में रहे ऑपरेशन सिंदूर तक के मुद्दों का जिक्र किया।
‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का नेतृत्व करेगा। उन्होंने स्टार्टअप, मेक इन इंडिया और डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए युवाओं से देश के लिए नवाचार को अपनाने की अपील की।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हाल ही में संचालित ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों के पराक्रम से दुनिया में देश का मान बढ़ा है। उन्होंने इस अभियान में शामिल जवानों को वीरता और साहस का प्रतीक बताया और कहा कि ऐसे योद्धाओं को विशेष सम्मान दिया जाएगा।
भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर प्रहार
मोदी ने कहा कि ‘भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण’ को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जनता से भी इस लड़ाई में साथ देने की अपील की।
2030 और 2047 का विज़न
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2030 तक भारत ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दुनिया का अग्रणी देश होगा, जबकि 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनेगा।
समापन में जोश भरते हुए कहा-“हमारा भारत अपार संभावनाओं का देश है, और अब समय आ गया है कि हम मिलकर इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। कोई भी ताकत भारत की प्रगति को रोक नहीं सकती।”
