नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को मंगलवार को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दायर की गई वोटर आईडी से जुड़े मामले की याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद सोनिया गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिली है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।
क्या था मामला?
सोनिया गांधी पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने वोटर आईडी से जुड़े दस्तावेजों में तथ्यों को छुपाया है। इसको लेकर अदालत में याचिका दाखिल की गई थी। हालांकि, सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि याचिका में ठोस सबूतों का अभाव है और यह केवल राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से दाखिल की गई है।
कोर्ट का फैसला
अदालत ने साफ कहा कि प्रस्तुत किए गए तथ्यों में कोई दम नहीं है और न ही ऐसा कोई प्रमाण मिला जिससे यह साबित हो सके कि सोनिया गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया है। इसलिए याचिका को खारिज किया जाता है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि शुरू से ही यह मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि सोनिया गांधी ने हमेशा कानून और संविधान का सम्मान किया है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
वहीं विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। उनका कहना है कि अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। इस फैसले के साथ ही सोनिया गांधी पर वोटर आईडी मामले में मंडराता कानूनी संकट टल गया है। यह कांग्रेस के लिए राजनीतिक तौर पर बड़ी राहत मानी जा रही है।
