नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। शाह ने कहा कि राहुल गांधी की हालिया “वोटर अधिकार यात्रा” के दौरान उठाया गया वोट चोरी का मुद्दा दरअसल बांग्लादेश और अन्य देशों से आए घुसपैठियों को बचाने का प्रयास है।
शाह का आरोप
शाहाबाद और मगध क्षेत्र के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा:“वोट चोरी सिर्फ एक बहाना है। असल में राहुल गांधी चाहते हैं कि अवैध रूप से भारत में रह रहे घुसपैठियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता रहे।” बिहार की जनता यह कभी बर्दाश्त नहीं करेगी कि गरीबों के लिए बनी सरकारी योजनाओं का फायदा घुसपैठियों को दिया जाए।
कल्याणकारी योजनाओं का मुद्दा
शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों के लिए कई योजनाएँ चलाई हैं, जिनमें 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा भी शामिल है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि क्या ये सुविधाएँ घुसपैठियों को दी जानी चाहिए? इस पर मौजूद सभी लोगों ने एक स्वर में “नहीं” कहा।
मतदाता सूची पर भी बोले शाह
गृह मंत्री ने यह भी साफ किया कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी पात्र व्यक्ति का नाम नहीं हटाया गया है। उन्होंने सभा में पूछा – “क्या किसी का नाम मतदाता सूची से हटाया गया?”। किसी ने हामी नहीं भरी, जिसके बाद शाह ने कहा कि लोगों को राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की “नापाक साजिश” से सतर्क रहना होगा।
राहुल बनाम मोदी तुलना
अमित शाह ने राहुल गांधी पर निजी हमला करते हुए कहा कि वे छह महीने भी भारत में लगातार नहीं रहते और हमेशा विदेश दौरों पर रहते हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 24 वर्षों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं और इस अवधि में “एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली”।
