UP: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दावा किया है कि ऊर्जा प्रबंधन विभाग बिजली क्षेत्र की निजी कंपनियों को लाभ दिलाने की दिशा में काम कर रहा है। परिषद का कहना है कि पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत चल रहे 44,094 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का सीधा फायदा निजी क्षेत्र को मिलेगा। इस तथ्य को खुद ऊर्जा प्रबंधन भी मान चुका है।

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परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, केंद्र सरकार ने बिजली सुधार के लिए आरडीएसएस योजना में भारी बजट स्वीकृत किया है। इसमें करीब 16,112 करोड़ रुपये बिजली चोरी और लाइन लॉस घटाने पर तथा लगभग 27,342 करोड़ रुपये स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर खर्च किए जाएंगे।

निजीकरण पर उठ रहे सवाल
परिषद का कहना है कि जुलाई 2025 में बिजली कंपनियों ने नियामक आयोग को लिखित रूप में जानकारी दी थी। इसमें कहा गया कि वर्तमान में निजीकरण के मुद्दे को लेकर कर्मचारियों का विरोध जारी है। बावजूद इसके, योजना से जुड़े कार्य—चाहे वह बिजली चोरी रोकने के उपाय हों, बिलिंग सुधार हो या वितरण हानियां घटाने का लक्ष्य—सबका असर निजी कंपनियों के हाथ में जाने के बाद ही देखने को मिलेगा।

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