उन्नाव: कानपुर-लखनऊ के बीच बन रहे 64 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य उन्नाव जिले में तय समय पर पूरा हो गया है। जिले के नेवरना और कोरारी में बने पुलों का कार्य भी संपन्न हो चुका है। अब एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोलने से पहले एनएचएआई की अंतिम तकनीकी जांच शेष है, जो इसी सप्ताह की जाएगी। एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) मिलते ही कानपुर से लखनऊ की यात्रा महज 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी।

निर्माण एजेंसी ने तय समय में पूरा किया काम
एक्सप्रेसवे के निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रही पीएनसी कंपनी ने तय समय सीमा 15 सितंबर से पहले ही दोनों प्रमुख पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी उदित कुमार जैन के अनुसार, एनओसी के लिए आवश्यक दस्तावेज एनएचएआई को सौंप दिए गए हैं। अब एनएचएआई की तकनीकी टीम सड़क की भार क्षमता, साइनबोर्ड, लाइटिंग, सोलर ब्लिंकर्स, फेंसिंग और अन्य सुरक्षा मानकों की अंतिम जांच करेगी।

तेज रफ्तार यात्रा का मार्ग प्रशस्त
इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। उन्नाव जिले से होकर गुजरने वाली 45.3 किलोमीटर लंबी सड़क पर पहले ही वाहन चलाकर रात में रोशनी और सुरक्षा संकेतकों की गुणवत्ता की जांच की जा चुकी है। तकनीकी टीम ने तीन दिन तक विभिन्न बिंदुओं पर परीक्षण किया था, जिसमें एक्सप्रेसवे सभी मानकों पर खरा उतरा है।

कई हाइवे से होगा सीधा जुड़ाव
नया एक्सप्रेसवे न केवल कानपुर और लखनऊ को जोड़ेगा, बल्कि यह उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे से भी जुड़ा रहेगा। जिले में दो प्रमुख इंटरचेंज बनाए गए हैं—एक कोरारी गांव में और दूसरा अन्य प्रमुख मार्ग पर। यात्री जाजमऊ गंगा पुल या गंगा बैराज के रास्ते आजाद मार्ग चौराहा होते हुए एक्सप्रेसवे पर प्रवेश कर सकेंगे।

क्या बोले अधिकारी?
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कर्नल शरद चंद्र सिंह ने बताया, “कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का कार्य निर्धारित समय में पूरा कर लिया गया है। छुटपुट कार्य भी शीघ्र निपटा लिए जाएंगे। अब उच्चाधिकारी तय करेंगे कि इसे यातायात के लिए कब से खोला जाए।”

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