लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर अपने बुलडोजर एक्शन से सुर्खियों में हैं। मुख्यमंत्री कल मुख्तार अंसारी की जब्त की गई अवैध जमीन पर बने 72 EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) फ्लैट्स की चाबी गरीब परिवारों को सौंपने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम गाजीपुर जिले में आयोजित किया जाएगा, जहाँ पहले मुख्तार गिरोह का दबदबा माना जाता था। सरकार का कहना है कि यह “माफिया से जनता को न्याय दिलाने का प्रतीकात्मक कदम” है।
मुख्तार की अवैध जमीन पर अब गरीबों का आशियाना
योगी सरकार ने पिछले वर्ष माफिया मुख्तार अंसारी की लगभग 1.5 एकड़ जमीन जब्त की थी, जो अवैध रूप से कब्जाई गई थी। इस जमीन पर अब 72 आधुनिक फ्लैट्स बनकर तैयार हो चुके हैं, जिन्हें EWS श्रेणी के परिवारों को आवंटित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इन फ्लैट्स में सभी मूलभूत सुविधाएँ — जैसे बिजली, पानी, शौचालय, और सड़क कनेक्टिविटी — पूरी तरह से उपलब्ध कराई गई हैं।
योगी बोले — “माफिया की विरासत अब जनता की संपत्ति बनेगी”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा -“पहले जिनकी जमीनों पर माफिया कब्जा जमाए बैठे थे, आज वहाँ गरीबों के घर बन रहे हैं। यही असली न्याय है — बुलडोजर न्याय।”उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब किसी माफिया या अपराधी को गरीबों की जमीन हड़पने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।
बुलडोजर से लेकर भवन तक की कहानी
पिछले दो वर्षों में योगी सरकार ने मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, और अन्य माफियाओं की करोड़ों की संपत्तियाँ जब्त की हैं।
इन संपत्तियों का अब जनहित में उपयोग किया जा रहा है — कहीं स्कूल बनाए जा रहे हैं, तो कहीं गरीबों के लिए आवास।
गाजीपुर का यह प्रोजेक्ट इसी नीति का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
