वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक साथ चार नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें सबसे अहम है वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस। इस ट्रेन के शुरू होने से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित हो गई है। अब यात्रियों को दोनों धार्मिक और ऐतिहासिक शहरों के बीच यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
चार वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश को चार नई ट्रेनों की सौगात दी —
वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस
पटना-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस
इंदौर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस
मंगलुरु-मदुरै वंदे भारत एक्सप्रेस
इन ट्रेनों के शुरू होने से न केवल रेल नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि यात्रियों को भी तेज, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
वाराणसी-खजुराहो ट्रेन से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
वाराणसी और खजुराहो दोनों ही भारत के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल हैं। अब इस ट्रेन के चलने से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, सतना और खजुराहो के बीच चलेगी और सफर का समय लगभग 8 घंटे से घटकर 5 घंटे रह जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल पर्यटन को बल मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी।
पीएम मोदी का संबोधन
वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा “आज भारत की रेल व्यवस्था आधुनिकता की नई पहचान बन रही है। वंदे भारत ट्रेनें न सिर्फ तेज हैं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी हैं।”उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में देश के हर राज्य को वंदे भारत की सुविधा मिलेगी।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
नई वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं —
Wi-Fi और इंफोटेनमेंट सिस्टम
ऑटोमेटिक स्लाइडिंग दरवाजे
बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स
पावर चार्जिंग पॉइंट
एयरलाइन जैसी सीटें और सेफ्टी सेंसर सिस्टम
इन सुविधाओं के चलते यात्रा न केवल तेज बल्कि आरामदायक भी हो जाएगी।
भारत में अब कुल 56 वंदे भारत ट्रेनें
इन चार नई ट्रेनों के साथ देश में चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 56 हो गई है। रेल मंत्रालय का लक्ष्य है कि 2026 तक देश के हर राज्य में वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जाएं ताकि आम यात्रियों को भी हाई-स्पीड और आधुनिक रेल सुविधा मिल सके।
