लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को रोजगार के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब महिलाएं अपनी लिखित सहमति के साथ रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी।
इसके लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर दी है।
डबल वेतन और विशेष सुविधाएं
नए आदेश के अनुसार नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को कई अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे —
-
रात में काम करने पर डबल वेतन (दोगुनी मजदूरी)
-
सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्डों की तैनाती
-
सुरक्षित ट्रांसपोर्ट सुविधा (घर से दफ्तर और दफ्तर से घर तक)
-
कार्यस्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और निगरानी प्रणाली
29 श्रेणियों के खतरनाक उद्योगों में भी लागू होगा आदेश
सरकार का यह आदेश केवल सामान्य उद्योगों तक सीमित नहीं है। अब राज्य की 29 श्रेणियों के जोखिमपूर्ण या खतरनाक उद्योगों में भी महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी — बशर्ते वे अपनी लिखित सहमति दें।
काम और ओवरटाइम की नई सीमा
-
महिलाएं सप्ताह में अधिकतम छह दिन तक काम कर सकेंगी।
-
ओवरटाइम की सीमा 75 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे प्रति तिमाही कर दी गई है।
-
ओवरटाइम पर दोहरी दर से वेतन देने का प्रावधान किया गया है।
सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिन संस्थानों में महिलाएं रात में काम करेंगी, वहां:
-
सीसीटीवी कैमरे हर जगह सक्रिय रहें,
-
परिसर में पर्याप्त रोशनी हो,
-
और महिला सुरक्षा गार्ड हर समय मौजूद रहें।
साथ ही, महिलाओं के लिए सुरक्षित ट्रांसपोर्ट का इंतजाम नियोक्ता को करना अनिवार्य होगा।
दिल्ली के बाद अब यूपी में भी लागू नियम
हाल ही में दिल्ली सरकार ने भी दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी थी। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस नीति को लागू कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर
योगी सरकार का यह निर्णय महिला रोजगार, समान अवसर और सुरक्षित कार्य वातावरण की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है। इससे महिलाओं को न सिर्फ अधिक अवसर और लचीलापन मिलेगा, बल्कि औद्योगिक इकाइयों में विविधता और दक्षता भी बढ़ेगी।
