दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक स्तर को पार कर लिया है। लगातार गिरती एयर क्वालिटी को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP की स्टेज-3 लागू कर दी है। इसके साथ ही नोएडा और गाज़ियाबाद में कड़े नियम लागू हो गए हैं—जिनमें स्कूल बंदी, वाहनों पर रोक और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध शामिल है।
निर्माण कार्यों पर रोक, BS-III और BS-IV वाहनों पर बैन
नोएडा प्राधिकरण ने आदेश जारी कर बताया कि अब मेट्रो, अस्पताल और फ्लाईओवर जैसी आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर सभी निर्माण गतिविधियाँ तुरंत प्रभाव से रोक दी गई हैं। साथ ही, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल वाहनों का संचालन नोएडा और गाज़ियाबाद में प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कदम प्रदूषण के तेजी से बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
AQI 400 के पार — सांस लेना हुआ मुश्किल
दिल्ली और NCR में कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। स्मॉग और जहरीली हवा के कारण खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा/फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
नोएडा: कक्षा 5 तक की पढ़ाई अब ‘हाइब्रिड मोड’ में
नोएडा के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी किया है कि कक्षा 5 तक के स्कूल हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन + ऑफलाइन) में संचालित किए जाएंगे। विकल्प अभिभावकों पर होगा—वे चाहें तो बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं या घर से ऑनलाइन पढ़ाई करा सकते हैं। उद्देश्य यह है कि बच्चों की सेहत को खराब हवा से बचाया जा सके।
गाज़ियाबाद: नर्सरी से 5वीं तक सभी स्कूल ‘ऑनलाइन’
गाज़ियाबाद जिला प्रशासन ने और भी सख्त फैसला लिया है:
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नर्सरी से कक्षा 5 तक सभी स्कूल अगली आदेश तक ऑनलाइन चलेंगे।
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यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा।
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कोचिंग संस्थानों को भी निर्देश दिया गया है कि छोटे बच्चों की कक्षाएं ऑनलाइन कराई जाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि जहरीली हवा बच्चों की सेहत पर गंभीर प्रभाव डाल रही है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
अभिभावकों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने माता-पिता से अपील की है कि
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बच्चे गैर-जरूरी रूप से बाहर न निकलें,
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सुबह और शाम के समय खुली हवा में खेलने से परहेज़ करें,
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और मास्क का उपयोग अवश्य करें।
