रामपुर: रामपुर की अदालत ने सोमवार को दो पैन कार्ड मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सपा नेता आजम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दोषी करार दिया। फैसला सुनते ही दोनों को कस्टडी में ले लिया गया। इस दौरान मामले के वादी भाजपा विधायक आकाश सक्सेना भी अदालत में उपस्थित रहे।
कचहरी में भारी सुरक्षा, राजनीतिक हलचल तेज:
फैसले से पहले कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भाजपा और सपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर के बाहर जुटे रहे, जिससे माहौल पूरे दिन गर्म रहा।
सपा नेता आजम खान के खिलाफ 104 केस:
आजम खान पहले से ही कई मामलों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 11 मामलों में फैसला आ चुका है—6 में सजा और 5 में बरी।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद दो अलग-अलग पैन कार्ड और गलत जन्मतिथि दर्शाने से जुड़ा है।
पहला पैन कार्ड — सही जन्मतिथि
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत के मुताबिक, अब्दुल्ला आजम के मूल पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 है, जो शिक्षा संबंधी दस्तावेजों से मेल खाती है। इसी पैन से उन्होंने आयकर रिटर्न भरने का काम किया।
दूसरा पैन कार्ड — कूटरचना का आरोप
शिकायत के अनुसार, 2017 के विधानसभा चुनाव (स्वार-टांडा) में दूसरा पैन कार्ड प्रस्तुत किया गया, जिसमें जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 दर्शाई गई थी।
इसका उद्देश्य—
– चुनाव लड़ने के लिए उम्र की पात्रता पूरी दिखाना
– नामांकन रद्द होने से बचना
आरोप यह भी है कि बैंक पासबुक में पैन नंबर हाथ से लिखा गया, जबकि वह पैन नामांकन की तिथि पर संचालित नहीं था। वादी का आरोप है कि यह सब आजम खान और अब्दुल्ला आजम की मिलीभगत से आयु छुपाने और चुनावी लाभ पाने के लिए किया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस:
सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने आरोपों की जांच के बाद दोनों पर IPC की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया—
420 – धोखाधड़ी
467 – जालसाजी
468 – धोखाधड़ी के इरादे से जालसाजी
471 – फर्जी दस्तावेज का उपयोग
120-B – आपराधिक षड्यंत्र
अदालत ने आज इन धाराओं में दोनों को दोषी मानते हुए कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।
