Up News: उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रविवार को एक ऐसा बयान दे दिया, जिसने पूरे राजनीतिक माहौल में तूफान ला दिया है। मौर्य ने सार्वजनिक मंच से कहा कि “बीजेपी आतंकवादी है”, जिसके बाद से बीजेपी नेताओं ने उन पर तीखा हमला बोला है और बयान को “आतंकी मानसिकता” बताया है।
स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान
एक कार्यक्रम में बोलते हुए मौर्य ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जनता की आवाज दबा रही है, लोकतांत्रिक संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है और विरोधियों को डराने-धमकाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा “बीजेपी सरकार तानाशाही और आतंक फैलाने का काम कर रही है। जनता को डराकर सत्ता चलाना आतंकवाद जैसा ही है।” मौर्य के इस बयान ने सियासी पारा तुरंत चढ़ा दिया।
बीजेपी का पलटवार: “मौर्य की मानसिकता ही चरमपंथी”
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया। पार्टी प्रवक्ताओं ने इसे राजनीति की गिरती भाषा बताया और कहा कि SP नेता मुद्दों की राजनीति नहीं कर पा रहे. चुनाव नजदीक आने पर वह भड़काऊ बयानबाज़ी कर रहे. ऐसी भाषा लोकतंत्र के लिए खतरनाक. कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी को मौर्य की इस “चरमपंथी सोच” पर जल्द कदम उठाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी ने लिया दूरी भरा रुख
हालांकि मौर्य पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन SP ने आधिकारिक रूप से बयान को मौर्य की व्यक्तिगत राय बताया। पार्टी ने कहा कि वह किसी भी तरह की आपत्तिजनक भाषा का समर्थन नहीं करती। यह पहली बार नहीं है जब मौर्य के विवादित बयान ने SP को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया हो। इससे पहले भी धार्मिक ग्रंथों और आरक्षण मुद्दों पर उनके बयान सुर्खियों में रह चुके हैं।
