UP NEWS: भारत स्काउट एंड गाइड की संरक्षक एवं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी के भव्य समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके आगमन को लेकर प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह है। राष्ट्रपति करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक स्काउट्स और गाइड्स के बीच मौजूद रहेंगी। मुख्यायुक्त प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति दोपहर 3:30 बजे अटल स्टेडियम पहुंचेंगी। उनके स्वागत के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे।
15,000 स्काउट-गाइड्स करेंगे सलामी
समारोह में करीब 15 हजार स्काउट्स और गाइड्स राष्ट्रपति मुर्मू को सलामी देंगे। वे मार्च पास्ट, अनुशासन, प्रशिक्षण और विशेष राष्ट्रीय धुनों पर आधारित परेड के माध्यम से अपना कौशल प्रदर्शित करेंगे। कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति ब्रह्मकुमारी राजयोग केंद्र का उद्घाटन भी करेंगी।
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगा मंच
समापन समारोह में भारत के सभी राज्यों के स्काउट्स-गाइड्स के साथ-साथ सेंट्रल रेलवे और विदेशी प्रतिभागी भी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। मार्च पास्ट, कलर पार्टी, और राष्ट्रगान के साथ सलामी समारोह कार्यक्रम को और भी भव्य रूप देगा।
एआई ड्रोन सहित चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
हाल ही में दिल्ली में हुए विस्फोट के मद्देनजर पूरे जंबूरी परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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350 एकड़ में फैले परिसर का सुरक्षा एजेंसियों ने गहन निरीक्षण किया।
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कार्यक्रम स्थल पर एआई तकनीक से लैस ड्रोन हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
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कार्यक्रम शुरू होने से एक घंटे पहले आम दर्शकों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।
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विशेष अतिथियों का प्रवेश मुख्य द्वार से होगा, जबकि अन्य द्वार अधिकारियों और स्काउट-गाइड्स के लिए निर्धारित हैं।
इंटरनेशनल नाइट्स और फैशन शो ने बढ़ाया जंबूरी का आकर्षण
समापन से पहले आयोजित इंटरनेशनल नाइट्स और एथनिक फैशन शो ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय रंग प्रदान किया। स्काउट्स-गाइड्स ने अपने-अपने राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। विदेशी कलाकारों ने भी शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया।
टेंट सिटी में झलकती राज्यों की संस्कृति
जंबूरी स्थल पर बनाई गई अस्थायी टेंट सिटी प्रतिभागियों और दर्शकों का बड़ा आकर्षण केंद्र बनी है। यहां हर राज्य ने अपने विशेष थीम आधारित प्रवेश द्वार बनाए हैं, जिनमें—
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स्थानीय संस्कृति
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पारंपरिक पहनावा
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भाषा
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ऐतिहासिक धरोहर
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महापुरुषों की प्रेरक कहानियां
…को बेहद आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है।
