लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के किनारे स्थित वह क्षेत्र, जो कभी कूड़े के विशाल ढेरों के लिए बदनाम था, अब ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के रूप में देश के सबसे भव्य और प्रेरणादायी स्मारकों में शामिल हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को इस स्मारक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

230 करोड़ की लागत से बना भव्य स्मारक

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह राष्ट्र प्रेरणा स्थल दुबग्गा के बसंत कुंज योजना क्षेत्र में गोमती नदी के किनारे 65 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, यहां पहले करीब 6.5 लाख मीट्रिक टन कचरा जमा था, जिसे वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्कृत कर पूरी तरह हटाया गया।

मियावाकी तकनीक से बदली तस्वीर

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिसर में मियावाकी तकनीक से लगभग 50 हजार पेड़ लगाए गए हैं। इससे यह क्षेत्र अब न सिर्फ स्मारक स्थल बल्कि एक हरित और शांत सार्वजनिक स्थान बन गया है।

तीन महान नेताओं की 65 फुट ऊंची प्रतिमाएं

राष्ट्र प्रेरणा स्थल के केंद्र में

  • श्यामा प्रसाद मुखर्जी,

  • दीनदयाल उपाध्याय,

  • अटल बिहारी वाजपेयी

की 65-65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ये प्रतिमाएं भारतीय राजनीति और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले इन नेताओं के विचारों का प्रतीक हैं।

अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय

करीब 6,300 वर्ग मीटर में बने संग्रहालय को डिजिटल और इमर्सिव तकनीक से तैयार किया गया है। यहां

  • अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल,

  • पोखरण परमाणु परीक्षण,

  • सर्व शिक्षा अभियान,

  • 1975 का आपातकाल,

  • ‘नए भारत’ के निर्माण की झलक

संवादात्मक डिस्प्ले के माध्यम से दिखाई गई है। इसके अलावा वाजपेयी की कविताएं, दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद और अंत्योदय दर्शन, तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जम्मू-कश्मीर आंदोलन से जुड़ी सामग्री भी प्रदर्शित है।

सांस्कृतिक आयोजनों का नया केंद्र

राष्ट्र प्रेरणा स्थल को एक बड़े सार्वजनिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां

  • 3,000 सीटों वाला एम्फीथिएटर,

  • ओपन एयर थिएटर,

  • बहुउद्देश्यीय सभागार,

  • ध्यान कक्ष और पुस्तकालय,

  • रैली स्थल

जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।

पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं

इस परिसर में एक साथ दो लाख तक पर्यटकों के आने की क्षमता है। यहां बगीचे, सजावटी द्वार, पैदल पथ, पार्किंग, कैफेटेरिया, झंडा फहराने का स्थान और तीन हेलीपैड भी बनाए गए हैं। एलडीए के अनुसार, यह स्थल सोमवार से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, हालांकि प्रवेश टिकट के जरिए होगा।

कचरे से प्रेरणा तक का सफर

राष्ट्र प्रेरणा स्थल इस बात का प्रतीक है कि सही सोच और योजनाबद्ध विकास से कूड़े के ढेर भी इतिहास, विचारधारा और पर्यावरण संरक्षण के केंद्र में बदले जा सकते हैं। लखनऊ के लोगों में इस नई ऐतिहासिक धरोहर को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

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