लखनऊ। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचार, हमलों और धार्मिक असहिष्णुता की घटनाओं के विरोध में आज लखनऊ में मुस्लिम समाज की ओर से एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय, गेट नंबर-2 के सामने, पुलिस चौकी के पास स्थित प्रतिमा स्थल पर आयोजित हुआ। प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मो. यूनुस का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। आयोजन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से दर्ज कराया विरोध
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य बांग्लादेश में हिंदू समाज के लोगों के साथ हो रहे कथित अन्याय, हिंसा और मानवाधिकार हनन के खिलाफ आवाज उठाना और इस गंभीर विषय की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना है।
धर्म के आधार पर अत्याचार अस्वीकार्य: आयोजक
आयोजकों ने कहा कि किसी भी देश में धर्म के आधार पर अत्याचार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा-“मानवता, भाईचारे और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुस्लिम समाज का आगे आकर हिंदू भाइयों के समर्थन में खड़ा होना इस बात का प्रमाण है कि भारत की जनता अन्याय और अत्याचार के खिलाफ एकजुट है।”
बांग्लादेश सरकार से की गई सख्त मांग
इस अवसर पर वक्ताओं ने बांग्लादेश सरकार से मांग की कि वहां रहने वाले हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो. देश में धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते इन मुद्दों पर गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो इससे सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
सौहार्द और एकता का संदेश
इस प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भारत में सभी धर्मों के लोग शांति, भाईचारे और इंसानियत के पक्ष में एकजुट हैं और किसी भी समुदाय पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ मिलकर आवाज उठाने को तैयार हैं।
