लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े धर्मांतरण और शोषण के गंभीर मामले में पीड़िता डॉक्टर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। पीड़िता अपने पिता के साथ 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंची, जहां उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़िता की बातों को गंभीरता से सुना और मामले में कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकरण में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और यदि अन्य लोग भी संलिप्त पाए गए तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए हैं।

एमडी पैथोलॉजी विभाग से जुड़ा है मामला

यह मामला KGMU के एमडी पैथोलॉजी विभाग से जुड़ा हुआ है। पीड़िता का आरोप है कि विभाग के डॉक्टर रमीज उद्दीन नायक ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया। इसके साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और निजी फोटो व वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया।

पीड़िता ने बताया कि आरोपी पहले से शादीशुदा था, लेकिन उसने यह बात छिपाकर विश्वास में लिया और बाद में शोषण शुरू किया।

गर्भवती होने के बाद बढ़ा उत्पीड़न

एफआईआर के अनुसार, पीड़िता सितंबर महीने में गर्भवती हुई थी। आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया। लगातार मानसिक उत्पीड़न, धमकियों और दबाव से परेशान होकर पीड़िता ने 17 दिसंबर को नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।

हालांकि समय रहते उसके दोस्तों ने उसे KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी।

आरोपी डॉक्टर निलंबित, KGMU में प्रवेश पर रोक

मामले के सामने आने के बाद KGMU प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और विश्वविद्यालय परिसर में उसके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

विश्वविद्यालय की विशाखा कमेटी मामले की जांच कर रही है। इसके साथ ही एक औपचारिक जांच समिति का गठन भी किया जा रहा है, जिसमें वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।

पुलिस की तलाश जारी, आरोपी फरार

लखनऊ के चौक थाने में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस की टीमें उत्तराखंड समेत तीन राज्यों में दबिश दे रही हैं। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुफिया एजेंसियां भी जांच में सक्रिय हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से बढ़ी उम्मीद

पीड़िता और उसके परिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप से न्याय की उम्मीद जगी है। यह मामला न सिर्फ महिला सुरक्षा बल्कि मेडिकल संस्थानों में भरोसे और नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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