लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर स्थित रिगेलिया ग्रीन्स में शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के तीन दिवसीय इंडिया फ़ूड एक्सपो-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक्सपो युवाओं को रोजगार और उद्यमिता की नई दिशा देगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई युवा छोटे उद्योग की ओर एक कदम बढ़ाएगा, तो सरकार चार कदम आगे बढ़कर उसकी मदद करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के पीछे डबल इंजन की सरकार खड़ी है। उन्होंने कहा, “बैंक लोन देगा, सरकार सब्सिडी देगी, किसान उपज देगा और बाजार पहले से इंतजार कर रहा है। आज दुनिया का बाजार भारत की प्रतीक्षा कर रहा है।”
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर आईआईए का प्रयास
आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने बताया कि इंडिया फ़ूड एक्सपो का यह 10वां संस्करण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के विज़न को साकार करने के लिए आईआईए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि संगठन ने हर जिले से 1000 नए उद्यमी जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल द्वारा फ़ूड प्रोसेसिंग सेक्टर में टैक्स कम किया गया है, जिससे उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही तकनीक के साथ-साथ बाजार विकास पर भी जोर देने की आवश्यकता है।
फ़ूड इंडस्ट्री न हो तो किसान की फसल हो जाएगी बर्बाद: मौर्य
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि फ़ूड इंडस्ट्री विकसित नहीं हुई, तो किसानों की बड़ी मात्रा में पैदावार खेतों में ही नष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जब युवा उद्योग लगाएगा, तो वह किसानों को यह मार्गदर्शन भी कर सकेगा कि किस फसल की मांग है। उन्होंने बताया कि देश की 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, और यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा, तो देश स्वतः समृद्धि की ओर बढ़ेगा। सरकार उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण का हब बनाना चाहती है।
गुणवत्ता पर ध्यान देंगे तो छोटा ब्रांड भी बनेगा बड़ा
केशव मौर्य ने कहा कि यदि उद्यमी अपनी इंडस्ट्री में केवल गुणवत्ता बनाए रखें, तो छोटा ब्रांड कब बड़ा बन जाएगा, इसका अंदाज़ा भी नहीं लगेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों का बाजार तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया की निगाहें भारतीय खानपान पर हैं और लखनऊ के खानपान को यूनेस्को की सूची में शामिल किया जाना गर्व का विषय है। साथ ही उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सरकार 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की योजना पर कार्य कर रही है।
सब्जी, आलू और दूध उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर
प्रमुख सचिव, खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीना ने कहा कि वर्ष 2016 में सब्जी, आलू और दूध उत्पादन में भारत विश्व में 14वें स्थान पर था, लेकिन अब दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर सहायता कर रही है। विदेशों से मशीनें मंगाने पर भी सरकारी सब्सिडी उपलब्ध है और फ़ूड प्रोसेसिंग योजनाओं के तहत सहायता आसानी से मिल रही है।
