Akhilesh: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कथित ‘डील’ को लेकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश की खेती, मजदूरी, उत्पादन और रोजगार के हित में नहीं है, बल्कि भारत को परनिर्भर बनाने की दिशा में ले जा रहा है। अखिलेश यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच X पर एक वीडियो साझा करते हुए टिप्पणी की कि यह ‘डील’ उस डाल की तरह है, जिसे उस पर बैठा व्यक्ति खुद ही काट रहा है। उनके अनुसार, ऐसे फैसले दीर्घकाल में देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को कमजोर कर सकते हैं।
‘अदृश्य जंजीर’ की संज्ञा
सपा प्रमुख ने इस समझौते को “अदृश्य जंजीर” करार देते हुए आरोप लगाया कि कुछ बिचौलिया मानसिकता वाले लोग अल्पकालिक लाभ के लालच में राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह नीति किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के रोजगार अवसरों पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
स्वदेशी बनाम परनिर्भरता
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले ‘स्वदेशी’ और ‘आत्मनिर्भरता’ की बात करते थे, वे अब ऐसी नीतियों का समर्थन कर रहे हैं जो देश को बाहरी ताकतों पर अधिक निर्भर बना सकती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही रुख रहा तो ‘आत्मनिर्भरता’ की जगह ‘परनिर्भरता’ का नारा अपनाना पड़ेगा।
आर्थिक प्रभाव पर सवाल
सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले उसके दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन जरूरी है। उनके अनुसार, यदि किसी डील से घरेलू उद्योग, कृषि या रोजगार प्रभावित होते हैं, तो उस पर व्यापक चर्चा और पारदर्शिता आवश्यक है। हालांकि सरकार की ओर से अब तक इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज हो सकती है, खासकर बजट सत्र के दौरान। फिलहाल, इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है और ‘डील’ को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
