Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में किसान मुद्दा एक बार फिर गर्माता नजर आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) ने राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लाए जा रहे नए कानून किसानों के हितों के खिलाफ हैं और जमीन से जुड़े प्रावधानों के माध्यम से किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है।
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अजय राय ने घोषणा की कि 17 फरवरी को कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करेंगे। उनका कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और किसान इसमें शामिल होंगे।
कांग्रेस ने प्रदेशभर में ‘किसान अधिकार गांव संवाद’ अभियान की भी शुरुआत की है। इस अभियान के तहत पार्टी पदाधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें कथित रूप से किसान विरोधी नीतियों के बारे में जागरूक करेंगे। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से किसानों की आवाज उठाने का प्रयास है। प्रेस वार्ता के दौरान अजय राय ने वाराणसी और शंकराचार्य से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय सरकार को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। वाराणसी के विकास कार्यों को लेकर भी उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों को निराधार बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है और विपक्ष सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
