Mayawati: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। मायावती ने कहा कि पार्टी के गठबंधन में चुनाव लड़ने की खबरें भ्रामक और निराधार हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संगठन को मजबूत करने में जुटे रहें। उनका कहना था कि बसपा पहले भी अकेले चुनाव जीतकर सरकार बना चुकी है और आगे भी यही रणनीति रहेगी।
‘अंबेडकरवादी आंदोलन’ को मजबूत करने की अपील:-
बसपा सुप्रीमो ने अपने संबोधन में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान और विचारधारा की रक्षा को लेकर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देशभर में अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को संगठित होकर काम करना चाहिए। उनके अनुसार, कुछ राजनीतिक दल जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं और बसपा के खिलाफ साजिशें की जा सकती हैं।
विपक्षी दलों पर निशाना:-
मायावती ने कांग्रेस, सपा और भाजपा सहित अन्य दलों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनकी सोच संकीर्ण है और ये सामाजिक न्याय के मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ‘हाथी की मस्त चाल’ के साथ आगे बढ़ने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने का आह्वान किया। दिल्ली में आवंटित टाइप-8 सरकारी आवास को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी मायावती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से उन्हें यह आवास मिला है और इसे लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना के बाद से उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। उनके मुताबिक, समय के साथ यह जोखिम कम होने के बजाय बढ़ा है, इसलिए उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक है।
चुनावी तैयारियों की शुरुआत:-
मायावती के इस ऐलान को 2027 के विधानसभा चुनाव की औपचारिक तैयारी की शुरुआत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा आने वाले समय में सामाजिक समीकरणों को साधने और अपने परंपरागत वोट बैंक को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय अभियान चलाएगी। फिलहाल, बसपा के इस निर्णय से प्रदेश की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है और अन्य दल भी अपनी रणनीति को लेकर मंथन में जुट सकते हैं।
