AI Summit: राजधानी में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात में भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विस्तार, डिजिटल ढांचे और युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई।

पिचाई ने कहा कि भारत तेजी से उभरती एआई तकनीक के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुका है। देश की बहुभाषी संरचना, विशाल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली नीतियां इसे वैश्विक स्तर पर एआई नवाचार का प्रमुख केंद्र बना सकती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी एआई को जनहित और समावेशी विकास से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचाने के लिए होना चाहिए।
15 अरब डॉलर के एआई हब की योजना
गूगल ने भारत में बड़े पैमाने पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना साझा की। प्रस्तावित निवेश में उन्नत कंप्यूटिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले सबसी केबल नेटवर्क शामिल होंगे। इससे रोजगार के नए अवसर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्किलिंग और शिक्षा पर फोकस
कंपनी ने एआई से जुड़े प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की, जो अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होंगे। इनका उद्देश्य छात्रों और शुरुआती करियर के युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सहयोग और स्कूलों में जेनरेटिव एआई टूल्स की शुरुआत जैसे कदम भी प्रस्तावित हैं। ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ के तहत एआई कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए नए समुद्री केबल मार्ग विकसित करने की योजना है। इससे डेटा ट्रांसफर की क्षमता बढ़ेगी और भारत वैश्विक डिजिटल नेटवर्क में और अधिक सशक्त भूमिका निभा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन पहलों को योजनाबद्ध तरीके से लागू किया गया, तो भारत एआई तकनीक के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग का वैश्विक मॉडल बन सकता है।
