Akhilesh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्रियों—केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक—का नाम लेते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उनके ताजा बयान के बाद प्रदेश की सियासत का तापमान बढ़ गया है।

प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने प्रयागराज के माघ मेले के दौरान कथित रूप से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों और प्रशासन के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि संबंधित मामले में अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि जब राज्य में दो-दो उपमुख्यमंत्री हैं, तो दोषियों को सजा दिलाने में देरी क्यों हो रही है।

सपा प्रमुख ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों के साथ दुर्व्यवहार गंभीर विषय है और सरकार को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं होती, तो सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठेंगे। अपने बयान में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के विदेश दौरे को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि दो दिनों में कार्रवाई नहीं होती और मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर चले जाते हैं, तो क्या उपमुख्यमंत्री भी वहीं जाकर धरना देंगे? इस टिप्पणी को राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

फिल्म विवाद पर भी बोले

रायबरेली दौरे के दौरान सपा प्रमुख ने हाल में चर्चा में आई फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ फिल्मों के जरिए समाज के विशेष वर्गों को लेकर नकारात्मक छवि पेश की जा रही है। अखिलेश यादव के बयान के बाद भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। चुनावी माहौल में ऐसे बयानों को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि आगामी चुनावों से पहले दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं। फिलहाल प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या जवाब देती है और क्या संबंधित मामले में आगे कोई ठोस कदम उठाया जाता है।

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