PM Modi CCS Meeting: पश्चिम एशिया में तेज होते सैन्य टकराव के बीच भारत सरकार ने स्थिति पर करीबी नजर रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 1 मार्च 2026 की देर रात सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की अहम बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई जब Iran और United States के बीच हमलों का सिलसिला तेज है और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ती जा रही है।
बैठक में क्या हुआ?
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, उसके वैश्विक असर और भारत के हितों पर संभावित प्रभाव की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय दौरे से लौटने के तुरंत बाद बैठक में शामिल हुए। बैठक में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman समेत राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने क्षेत्रीय हालात पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस
बैठक का सबसे अहम मुद्दा पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा रहा।
- Iran में लगभग 10 हजार भारतीय
- Israel में 40 हजार से अधिक भारतीय
खाड़ी और पश्चिम एशिया के देशों में करीब 90 लाख भारतीय प्रवासी
क्षेत्र में हवाई सेवाएं प्रभावित होने से कई भारतीय विभिन्न एयरपोर्ट्स पर फंसे बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने दूतावासों को सतर्क रहने और हेल्पलाइन सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर निकासी अभियान चलाने के विकल्प पर भी चर्चा हुई।
होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल आपूर्ति
बैठक में Strait of Hormuz की स्थिति पर भी विचार किया गया। यह जलमार्ग भारत के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति का अहम रास्ता है। यदि यहां अवरोध उत्पन्न होता है तो ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। सरकार ने वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों और रणनीतिक भंडार की स्थिति की भी समीक्षा की।
क्षेत्रीय हालात और वैश्विक असर
Israel और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। ईरान की सरकारी एजेंसियों ने सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के मारे जाने की पुष्टि की है, जिसके बाद क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि सैन्य कार्रवाई आवश्यक अवधि तक जारी रहेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार, तेल की कीमतों और वैश्विक सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार, भारत ने स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने, मित्र देशों से संपर्क बनाए रखने और भारतीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाते हुए अपने नागरिकों और रणनीतिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय है।
