कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे चुनावी माहौल और भी तनावपूर्ण नजर आ रहा है।

मामला उस समय सामने आया जब केंद्रीय बलों के साथ एक अधिकारी द्वारा कुछ स्थानों पर की गई कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के साथ सख्ती बरती गई, जिसे विपक्षी दलों ने मुद्दा बना लिया। वहीं दूसरी ओर, संबंधित पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, संयुक्त टीम द्वारा एक प्रत्याशी से जुड़े ठिकानों पर भी जांच की गई, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। इस कार्रवाई को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता पर चिंता जताई है। वहीं भाजपा ने अधिकारी का बचाव करते हुए कहा है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत ही कार्रवाई की गई है और इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच चुनावी माहौल में तनाव बना हुआ है। अब सभी की नजर चुनाव आयोग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके।
