मोहनलालगंज, लखनऊ। सड़क हादसे में घायल किशोर की इलाज के दौरान मौत के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनकी मांग थी कि हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए, तभी अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बताया जाता है कि उत्तरगांव निवासी 11 वर्षीय अर्पित को 31 मार्च को टिकरा गांव के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल किशोर का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था, जहां गुरुवार को उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
मौत के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया और आरोपी चालक की गिरफ्तारी व पीड़ित परिवार के लिए सहायता की मांग की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण फिर से इकट्ठा हो गए और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। हालात को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से लगातार बातचीत की।
काफी समझाइश के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। पुलिस की मौजूदगी में किशोर का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है।
