निगोहां, लखनऊ। निगोहां क्षेत्र के मस्तीपुर गांव में बुधवार को वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय बागेश्वर द्विवेदी की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और सेवा भावना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन से हुई, जिसमें परिजनों और ग्रामीणों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने स्व. द्विवेदी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके सामाजिक योगदान को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि बागेश्वर द्विवेदी ने अपने जीवन में समाज के कमजोर वर्गों की मदद, क्षेत्रीय विकास और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुण्यतिथि के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसकी व्यवस्था नागेश्वर द्विवेदी, जगदीश द्विवेदी, मनोज द्विवेदी, जय शंकर और विजय शंकर की देखरेख में संपन्न हुई। भंडारे में क्षेत्रीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों को भी प्रेमपूर्वक पूड़ी-सब्जी, छोले-चावल और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से देर शाम तक चले इस आयोजन में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और विधायक अमरेश कुमार रावत ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा स्व. द्विवेदी के समाजसेवी कार्यों को सराहा। इसके अलावा एलडीबी के पूर्व निदेशक अनिल त्रिपाठी, भूमि विकास बैंक अध्यक्ष अशोक तिवारी, सेवानिवृत्त आईएएस राम बहादुर, पूर्व विधायक अम्ब्रीश पुष्कर, पूर्व महानगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित और मस्तीपुर ग्राम प्रधान सूर्य कुमार द्विवेदी सहित कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश द्विवेदी, ललित दीक्षित, मुकेश द्विवेदी, एडवोकेट ललित मिश्रा, शिवा मिश्रा, शिवम त्रिपाठी के साथ एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडे, मोहनलालगंज इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी, निगोहां थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी और नगराम थाना प्रभारी विवेक कुमार चौधरी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग शामिल हुए। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और सेवा का वातावरण बना रहा।
पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल एक समाजसेवी को याद करने का अवसर दिया, बल्कि समाज में सहयोग, समर्पण और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया।
