लखनऊ। प्रतीक यादव की मौत को लेकर सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी मृत्यु कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (फेफड़ों में खून के थक्के) के कारण हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में थक्के जमने से सांस लेने में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई, जिससे दिल और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया। मेडिकल टीम ने हार्ट और फेफड़ों से मिले सैंपल को आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा है, जबकि आंतरिक अंगों को केमिकल परीक्षण के लिए संरक्षित किया गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

पोस्टमार्टम में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। शरीर पर कुल छह चोट के निशान पाए गए, जिनमें से तीन चोटें करीब 5 से 7 दिन पुरानी बताई गई हैं, जबकि तीन हालिया (एक दिन के भीतर की) हैं। हालांकि डॉक्टरों ने इन चोटों को मौत का सीधा कारण नहीं माना है, लेकिन इनके पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया गया।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शरीर पर चोट के निशान और अन्य परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं।
परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, कुछ महीने पहले उन्हें फेफड़ों से संबंधित समस्या भी हुई थी, जिसका इलाज कराया गया था। फिलहाल इस पूरे मामले में जांच और विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत की असली वजह और परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी।
