
लगभग छह माह के कार्यकाल के दौरान एसीपी विकास पांडेय ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में कई प्रभावी कार्रवाइयां की गईं, जिससे लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह उन अधिकारियों में रहे, जो केवल दफ्तर तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं को सुनते और उनका समाधान सुनिश्चित करते थे। थानों में आने वाले फरियादियों की शिकायतों पर वह तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते थे, जिससे मामलों का शीघ्र निस्तारण हो पाता था।
सोशल मीडिया के माध्यम से आने वाली शिकायतों पर भी उन्होंने तत्परता दिखाई और कई मामलों में मौके पर ही समस्या का समाधान कराया। यही कारण रहा कि उनकी छवि एक जिम्मेदार और जनहित में कार्य करने वाले अधिकारी के रूप में स्थापित हुई।
अपने कार्यकाल में उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे पुलिस व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत हुआ।
स्थानांतरण के बाद आयोजित विदाई समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने उन्हें सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि कम समय में उन्होंने जो विश्वास और सम्मान अर्जित किया, वह लंबे समय तक याद किया जाएगा।
