नगराम (लखनऊ)। वरिष्ठ पत्रकार अशोक सिंह के पुत्र प्रशांत सिंह की आत्महत्या के मामले में घटना के 18 दिन बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पत्रकारों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इसको लेकर बुधवार को निगोहां प्रेस क्लब से जुड़े पदाधिकारियों और क्षेत्रीय पत्रकारों ने नगराम थाने पहुंचकर थाना प्रभारी विवेक चौधरी को पुलिस आयुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा और त्वरित कार्रवाई की मांग की।

पत्रकारों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस अब तक किसी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक पत्रकार परिवार को ही न्याय मिलने में देरी हो रही है, तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

ज्ञात हो कि वरिष्ठ पत्रकार अशोक सिंह के बेटे प्रशांत सिंह ने 2 मई की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई थी। अगले दिन पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया। परिजनों ने इस मामले में पत्नी और ससुराल पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए नगराम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
हालांकि, पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसको लेकर पत्रकार संगठनों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
ज्ञापन निगोहां प्रेस क्लब अध्यक्ष विमल सिंह चौहान, जी के न्यूज़ के संपादक नागेश्वर द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार योगेंद्र तिवारी और ब्रजराज सिंह के नेतृत्व में सौंपा गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि प्रशांत सिंह को पत्नी और ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे और आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
इस दौरान प्रेस क्लब संरक्षक मुकेश द्विवेदी, अध्यक्ष विमल सिंह चौहान, नागेश्वर द्विवेदी, योगेंद्र तिवारी, शिवा मिश्रा, ब्रजराज सिंह, जय सिंह यादव, प्रमोद सोनी, आरिफ मंसूरी, मोइन खान, सुनील त्रिवेदी, प्रशांत त्रिवेदी समेत कई पत्रकार मौजूद रहे।
संपादक नागेश्वर द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और प्रशांत सिंह को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं अन्य पत्रकारों ने भी निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
