
पुलिस की जांच में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका सामने आई, जिनके बारे में जानकारी जुटाने के बाद दोनों बालिकाओं को 18 मई को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्यों की जानकारी मिली, जिनसे एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका सामने आई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय परिवारों की लड़कियों को विभिन्न प्रलोभन देकर अपने प्रभाव में लेता था। इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में भेजकर कथित रूप से शादी कराने के नाम पर आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था। पुलिस को प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी मिली है कि इस कार्य के लिए आरोपियों को मोटी रकम प्राप्त होती थी।
एसआई सौरभ सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीन जून को तीन आरोपियों और एक किशोर को पकड़कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। कार्रवाई के दौरान दो चारपहिया वाहन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही पूरे प्रकरण के विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।
