जानकारी के अनुसार, ढाबा संचालक और अधिवक्ता आदित्य गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रात लगभग साढ़े आठ बजे ढाबे के बाहर खड़ी कुछ गाड़ियों को व्यवस्थित करने के लिए कहा गया था। इसी बात को लेकर कुछ युवक नाराज हो गए और विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि बात बढ़ने पर युवकों ने मारपीट शुरू कर दी और ढाबा संचालक को जमीन पर गिराकर पीटा। बीच-बचाव के लिए पहुंचे कर्मचारी नरेश को भी चोटें आईं। पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि घटना के दौरान सोने की चेन गायब हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय ढाबे पर काफी संख्या में ग्राहक मौजूद थे। कुछ लोगों ने झगड़ा शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी अभद्रता किए जाने की बात सामने आई। हंगामे के कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और आरोपित मौके से चले गए।
घटना में घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, इस घटना को लेकर व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी गई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दूसरे पक्ष की ओर से भी तहरीर दी गई है। दोनों पक्षों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
मोहनलालगंज पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
