मोहनलालगंज, लखनऊ। श्री राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ‘दीपू’ के नेतृत्व में एसजीपीजीआई प्रशासन से पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में तैनात डॉ. अजमल के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन की ओर से संस्थान के निदेशक को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में करणी सेना के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि डॉ. अजमल पर एक हिंदू युवती को बहला-फुसलाकर भगाने में संलिप्त होने के आरोप लगाए गए हैं। संगठन ने कहा कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ‘दीपू’ ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया जाए।
उन्होंने कहा कि संगठन सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेता है तथा प्रशासन से अपेक्षा करता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश महासचिव नमवार सिंह, लखनऊ जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह ‘बाबा’, स्वर्ण प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र मिश्रा सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
करणी सेना ने यह भी कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की जाती है तो संगठन आगामी दिनों में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की रणनीति बना सकता है।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक डॉ. अजमल अथवा एसजीपीजीआई प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की जांच की मांग की गई है।
