
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री मिलिंद पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा महाराजा सुहेलदेव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भारत माता और महाराजा सुहेलदेव के जयघोष लगाए, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय और राष्ट्रभक्ति के वातावरण से गुंजायमान हो उठा।

मुख्य अतिथि मिलिंद पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि महाराजा सुहेलदेव भारतीय इतिहास के महान वीरों में से एक थे, जिन्होंने अपने साहस और युद्ध कौशल के बल पर विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा का कार्य किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का जीवन समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण और सामाजिक चेतना के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास के गौरवशाली अध्यायों को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने महाराजा सुहेलदेव के जीवन, संघर्ष और ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को समाज में स्थापित करने का संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
समारोह में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित सर्वसमाज के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। आयोजन की विशेषता यह रही कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर महाराजा सुहेलदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट सुशील रावत, पंडित शैलेन्द्र मृदुल, विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र, प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप, महाराजा लाखन पासी सामाजिक उत्थान समिति के अध्यक्ष दिलीप रावत, अंकुर अवस्थी, कुलदीप रावत, अजय द्विवेदी, अजीत कुमार फौजी, योगेंद्र प्रताप रावत, शिव कुमार रावत, नरेंद्र रावत, विपिन रावत (प्रधान), मंशाराम रावत (प्रधान), रामशंकर रावत, रामचंद्र रावत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सुहेलदेव के आदर्शों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का संकल्प भी दोहराया।
