मोहनलालगंज, लखनऊ। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन मोहनलालगंज क्षेत्र के कुबहरा और कमालपुर विचलिका गांव के बीच स्थित लगभग 400 मीटर का मार्ग आज भी पक्की सड़क का इंतजार कर रहा है। वन विभाग के अधीन आने वाले इस हिस्से में निर्माण की अनुमति न मिलने से हजारों ग्रामीणों को वर्षों से दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के सात दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस मार्ग की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो सका है। जगह-जगह गड्ढों से भरा यह कच्चा रास्ता गर्मियों में धूल और बरसात के मौसम में कीचड़ से भर जाता है, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। मार्ग के दोनों ओर गहरे नाले होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार आए दिन राहगीर फिसलकर घायल हो जाते हैं। कई बार दोपहिया और चारपहिया वाहन भी अनियंत्रित होकर नालों में गिर चुके हैं, जिन्हें बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन की सहायता लेनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक इस खराब मार्ग से बचने के लिए लोगों को 15 से 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी काफी समय लग जाता है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व सांसद आर.के. चौधरी द्वारा भी सड़क निर्माण के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया गया था और निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई प्रगति दिखाई नहीं दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि मात्र 400 मीटर सड़क के निर्माण में हो रही देरी विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
अब क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र निर्माण की अनुमति प्रदान करने की मांग की है, ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
