जानकारी के मुताबिक विकासखंड में कुल 31 पंचायत सचिव तैनात हैं, जिनमें 13 ग्राम विकास अधिकारी तथा 18 ग्राम पंचायत अधिकारी शामिल हैं। इसके बावजूद दो पंचायत सचिव ऐसे बताए जा रहे हैं, जिन्हें अभी तक किसी ग्राम पंचायत का दायित्व नहीं सौंपा गया है। इनमें एक सचिव पिछले कई महीनों से ब्लॉक कार्यालय से संबद्ध हैं, जबकि एक अन्य कर्मचारी भी बिना पंचायत आवंटन के कार्यरत हैं।
सूत्रों के अनुसार अधिकांश सचिवों को एक-एक क्लस्टर की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ कर्मचारियों के पास दो-दो क्लस्टरों का अतिरिक्त कार्यभार है। इन क्लस्टरों के अंतर्गत दो से तीन ग्राम पंचायतें आती हैं, जिसके कारण जिम्मेदारियों का संतुलन प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि पूर्व खंड विकास अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव द्वारा बिना पंचायत आवंटन वाले सचिवों को ग्राम पंचायतें आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार कर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय भेजा गया था, लेकिन उस पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।
एक से अधिक पंचायतों का कार्यभार संभाल रहे सचिवों के नियमित रूप से सभी ग्राम पंचायतों में उपस्थित न हो पाने के कारण ग्रामीणों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में भी नाराजगी बढ़ रही है।
प्रदर्शन और कार्यप्रणाली के आधार पर होगा आवंटन
खंड विकास अधिकारी शिवकुमार ने बताया कि जिन पंचायत सचिवों के पास वर्तमान में कोई ग्राम पंचायत नहीं है, उनके लिए शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्लस्टर आवंटन करते समय कर्मचारियों की कार्यशैली, उपलब्धियों और प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि कार्यों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
