लखनऊ। लेखपाल, एसएससी जीडी और यूपीएसआई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के विरोध में शुक्रवार को राजधानी लखनऊ स्थित इको गार्डन में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राओं और युवाओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

आंदोलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बार-बार भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने समयबद्ध और निष्पक्ष परीक्षाएं कराने की मांग उठाई।

प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा तथा कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत भी इको गार्डन पहुंचे। इसके अलावा बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता तथा कोचिंग संस्थानों से जुड़े शिक्षक भी आंदोलन में शामिल हुए।
आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने आरोप लगाया कि आंदोलन को रोकने के लिए कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं को दबाव में लेने और नजरबंद करने की कोशिशें की गईं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
कॉमरेड नेहा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, अभिजीत ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षक सुनील यादव ने कहा कि समयबद्ध और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया युवाओं का अधिकार है। प्रतियोगी छात्रों ने भी अपनी वर्षों की मेहनत और आर्थिक नुकसान का उल्लेख करते हुए नियमित और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।
कार्यक्रम का संचालन शशांक ने किया। इस अवसर पर इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य, भाकपा (माले) के जिला प्रभारी रमेश सिंह सेंगर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
