महोत्सव के मुख्य यजमान जगदीश मिश्रा रहे, जबकि धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन आचार्य गोपाल जी शास्त्री के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। पूजन-अर्चन एवं विशेष अनुष्ठानों के उपरांत शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया।
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धार्मिक ध्वज, भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की मधुर ध्वनि के बीच निकली शोभायात्रा सिसेंडी कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर विभिन्न मंदिरों तक पहुंची। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। भगवान शिव के भजनों और जयकारों के बीच श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए।
शोभायात्रा के पुनः मंदिर परिसर पहुंचने के बाद नंदी बाबा की प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराई गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी पंडित विपिन बिहारी, बोधा जी, बहादुर सिंह, मनोज शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार ललित दीक्षित, बब्बू शुक्ला, सुरेश सिंह, प्रदीप सिंह, सुनील चौरसिया, जीतू सिंह, प्रदीप गुप्ता, राजू साहू, विवेक सिंह, प्रेमचंद्र मिश्रा, अनूप दीक्षित, अनिल सिंह, श्याम प्रकाश दीक्षित, दिलीप सिंह, अनुराग दीक्षित, राजेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोजन के सफल संपादन पर मंदिर समिति और क्षेत्रवासियों ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
