
जानकारी के अनुसार, सफाई कार्य के दौरान मीरखनगर निवासी एक ग्रामीण ने भूमि संबंधी आपत्ति जताते हुए जेसीबी मशीन का कार्य रुकवा दिया। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भूमि की पैमाइश कर स्थिति स्पष्ट की। नाप-जोख पूरी होने के बाद आपत्ति का समाधान कराते हुए ड्रेन की सफाई का कार्य पुनः शुरू करा दिया गया।
सफाई कार्य दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के किसानों ने राहत जताई। किसानों का कहना है कि बरसात के दौरान ड्रेन की नियमित सफाई न होने से खेतों में पानी भर जाता है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचता है। समय रहते सफाई पूरी होने से इस वर्ष जल निकासी बेहतर रहेगी और खेती प्रभावित नहीं होगी।
मौके पर मौजूद किसानों ने राजस्व विभाग, नहर विभाग और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी पक्षों के समन्वय से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हुआ और विकास कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सका।
इस दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के लखनऊ मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह, अवधेश शुक्ला, देशराज, बद्री विशाल बाजपेई, राजेश सिंह, सत्यनारायण, रामपाल राजपूत, कृष्णपाल सिंह, रामकुमार वर्मा, धर्मेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
